भारत की दवा कंपनियों की सूची

आज में आपको इस पोस्ट में भारत की दवाई कंपनी की सूची यानी फार्मा कंपनी के बारे में बताऊंगा. भारत में इतने सारे दवाई कंपनी है की मुझे इन सबके बारे में जानकारी निकलने में काफी वक़्त लग गया. 

IBEF के रिपोर्ट के अनुसार इंडिया में खुल 3000 से भी ज्यादा ड्रग(दवाई) कम्पनियाँ है और इन सब के पास खुल 10500 से भी ज्यादा उत्पादन फैक्ट्री है जिससे दवाई निकल कर आती है. आप ये जानके हैरान हो जाओगे की भारत दुनिया की सबसे बड़ी जेनेरिक दवाई बनाने वाली देश है और ये केवल बनाती नहीं है बल्कि पुरे दुनिया में सबसे ज्यादा दवाई का एक्सपोर्ट भी भारत ही करती है.

USA में 40% जेनेरिक दवाई की मांग, United kingdom में 25% की दवाई की मांग और पुरे दुनिया का खुल 50% वैक्सीन की मांग(demand) अकेले इंडिया पूरा करती है. अगर बाकी देशों से तुलना करे तो इंडिया दुनिया की 3rd (तीसरी) सबसे बड़ी दवाई बनाने वाली देश है. 

फ़िलहाल, AIDS से लड़ने के लिए बनाया गया antiviral ड्रग जो पुरे दुनिया में इस्तेमाल होता है उसमे से भारत की दवाई कंपनी (फार्मा कंपनी) का 80% योगदान है. 80% एंटीवायरल ड्रग इंडिया में बनते है, जो की बहुत गर्व करने की बात है क्यूंकि दवाई के मामले में इंडिया बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

2021 में इंडिया की फार्मा क्षेत्र 42 बिलियन डॉलर की थी जो की 2024 तक बढ़कर 65 बिलियन डॉलर और 2030 तक 130 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है. इंडिया दुनिया की 12वी सबसे बड़ी चिकित्सा सामान की exporter है. 

अब आपको पता चल गया होगा की फार्मा कंपनियों का कितना बड़ा योगदान है इंडिया में और पुरे विश्वभर में तो इसके साथ शुरू करते है दवाई कंपनी की सूची.

भारत की सबसे बड़ी दवाई कंपनी (फार्मा कंपनी की सूची)

1. Aurobindo Pharma

  • स्थापित: 1986
  • मालिक: V. Ramprasad Reddy, K. Nityananda Reddy
  • मुख्यालय: Hyderabad, Telangana
  • शुद्ध लाभ: 3112.91 करोड़ (2021-22)
  • कुल बिक्री: 15,823.68 करोड़ 

Aurobindo Pharma Limited इंडिया की सबसे बड़ी दवाई कंपनी है, नेट प्रोफ्ट के अनुसार, पिछले साले इस कंपनी ने 3112.91 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था. ये कंपनी जेनेरिक दवाई और Active Pharmaceutical Ingredients (API) का उत्पादन करती है.

Aurobindo खासकरके 6 तरह के प्रोडक्ट या फिर कहलो की दवाई बनाती है:

  • एन्टीबॉटिक्स दवाई
  • एंटी-रेट्रोवायराल  दवाई
  • हृदय के सम्बंधित प्रोडक्ट्स
  • केंद्रीय स्‍नायुजाल प्रोडक्ट्स
  • एंटी-एलर्जी की दवाई
  • गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिकल्स प्रोडक्ट्स

ऑरबिंदो लैब्स खुल 150 देशों में अपनी दवाई एक्सपोर्ट करती है और १२५ से भी देशों में अपनी इस दवाई की मार्केटिंग करती है, ये कंपनी अपनी दवाई की मार्केटिंग खुदसे नहीं करती है बल्कि दूसरे फार्मा कंपनियों से करवाती है जैसे की AstraZeneca और Pfizer से. आपको लगता होगा ये ये कंपनी का सबसे ज्यादा प्रॉफिट इंडिया से आता होगा लेकिन ये सच नहीं है, इस कंपनी का लगभग 90% रेवेनुए दूसरे देशों से आता है और केवल 10% इंडिया से आता है.

इस कंपनी के पास 26 फैक्ट्री है उसमे से 11 API बनाती है और 15 अलग तारिक के सूत्रीकरण बनाती है. 15 सूत्रीकरण फैक्ट्री में से 10 इंडिया में, 3 USA में, 1 brazil और 1 Portugal में है.  

FMCG कंपनी किसे बोलते है?


2. Cipla Limited

  • स्थापित: 1935
  • मालिक: Khwaja Abdul Hamied
  • अध्यक्ष: Yusuf Khwaja Hamied
  • मुख्यालय: Mumbai, Maharashtra
  • शुद्ध लाभ: 2,957.93 करोड़ 
  • कुल बिक्री: 13,091.79 करोड़ 

Chemical, Industrial & Pharmaceutical Laboratories की शुरुवात मुंबई में Khwaja Abdul Hamied ने की थी, फिर जुलाई 1984 में इस कंपनी का नाम बदलकर Cipla Limited कर दिया. 1985 में US के FDA ने इस कंपनी को HIV और दूसरी दवाइया बनानेका अनुमति मिल गयी. 

फिर 2001 में सिप्ला ने  अंतिरेट्रोविरलस बनाया जिसे HIV के इलाज में उपयोग लगता है. ये कंपनी आज बहुत सारे थेरेपी जैसे की अस्थमा, COPD, एंटीबायोटिक, एलर्जी, भुकार की दवा or Nebulization के लिए दवाई बनाती है और इसके अल्वा HIV AIDS के लिए भी दवाई बनाती है.

इस कंपनी की प्रोडक्ट भी है जा आप शायद ही जानते होंगे जैसे की Nicotex, Cofsils Cough Drops, Cofsils Cough Syrup , ORS, Cipladine, Maxirich जैसे प्रोडक्ट्स भी बनाती है. 

शॉपिंग वेबसाइट


3. Divis Labs

  • स्थापित: 1990
  • मालिक: Murali Krishna Prasad Divi
  • मुख्यालय: Hyderabad, Telangana
  • शुद्ध लाभ: 2,948.54 करोड़
  • कुल बिक्री: 8,879.82 करोड़ 

Divis Labs की शुरुवात 12 अक्टूबर 1990 में रिसर्च सेंटर के तोर पे हुई थी, Divis Research Center पहले केवल API और intermediates दवा बनाने के लिए जो प्रक्रिया होती थी सिर्फ उसपे काम करते थे. फिर इस कंपनी ने अपना नाम Divis Research सेण्टर से बदलकर Divis Laboratory कर दिया और ये बताया की अब वे भी API और intermediates दवा बनाएँगे. 

फिर 1995 में API दवा बनाने के लिए एक फैक्ट्री  Choutuppal के Telangana में शुरू किया फिर 2002 में एक और फैक्ट्री की शुरुवात की Chippada में जो की Visakhapatnam के पास ही पड़ता है. अब इस कंपनी के पास पुरे इंडिया में 6 से ज्यादा फैक्ट्री और 3 रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सेंटर्स है.

दुनिया की टॉप 10 सबसे बड़ी फार्मा कंपनी में से 6 कम्पनियो Divis labs की दवाई की आपूर्ति करती है. Naproxen, Dextromethorphan और Gabapentin APIs के 60% से 85% मार्किट शेयर पुरे दुनिया का इस अकेले कंपनी के पास है.

ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म 


4. Sun Pharmaceutical Industries Limited

  • स्थापित: 1983
  • मालिक: Dilip Shanghvi
  • मुख्यालय: Mumbai, Maharashtra
  • शुद्ध लाभ: 2,139.70 करोड़
  • कुल बिक्री: 12,803.21 करोड़ 

Sun Pharmaceuticals की शुरुवात 1983 में Dilip Shanghvi ने वापी, गुजरात में शुरू किया था तब इस कंपनी के पास 5 products थे. 1987 में cardiology प्रोडक्ट्स और 1989 में  gastroenterology प्रोडक्ट्स भी बनाने शुरू किये और आज ये इंडिया की सबसे बड़ी  cardiology, gastroenterology बनाने वाली कंपनी है. 

72% सेल्स Sun Pharma का इंडिया के बहार से आता है इसका मतलब सबसे ज्यादा ये कंपनी अपनी दवाई एक्सपोर्ट करती है और उसमे से भी 30% रेवेनुए अकेले USA से आता है. Sun Pharma के खुल 44 देशों में अपना फैक्ट्री यूनिट लगा रखा है.

फिर 2014 में इस कंपनी ने Ranbaxy Laboratories को खरीद लिया फिर उसके बाद से Sun Pharma इंडिया की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी है बाजार पूंजीकरण के संदर्भ में.

टेक्सटाइल कंपनी


5. GlaxoSmithKline

  • स्थापित: 2000
  • अध्यक्ष: Jonathan Symonds
  • मुख्यालय: London, UK
  • शुद्ध लाभ: 1,690.53 करोड़
  • कुल बिक्री: 3,217.51 करोड़ 

GlaxoSmithKline ब्रिटिश की एक सबसे बड़ी फार्मा कंपनी है जिसकी मुख्यला लंदन, UK में है. अगर इतिहास की बात करे तो Glaxo Wellcome और SmithKline Beecham दोनों अलग कंपनी थी. लेकिन फिर 2000 में ये दोनों कंपनी का विलयन हो गया और विलयन होक GlaxoSmithKline बन गया.

GlaxoSmithKline दुनिया की 10वी सबसे बड़ी फार्मा कंपनी है, China Resources, Johnson & Johnson, Roche, Sinopharm, Pfizer, Novartis, Bayer, Merck, और Sanofi के बाद.

ये कंपनी ज्यादातर मलेरिया की वैक्सीन और इसके आलावा HIV infection और भी बहुत सारे दवाई बनाती है. इनका सबसे बड़ा और प्रसिद्ध प्रोडक्ट ये है:

  • Crocin 
  • ENO 
  • Iodex 
  • Otrivin 
  • Sensodyne 
  • Ostocalcium

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी क्या है?


6. Glenmark Pharmaceuticals Limited

  • स्थापित: 1977
  • मालिक: Gracias Saldanha
  • मुख्यालय: Mumbai, India
  • शुद्ध लाभ: 1,649.45 करोड़
  • कुल बिक्री: 7,567.93 करोड़ 

Glenmark Pharmaceuticals Limited इंडिया की पांचवी सबसे बड़ी फार्मा कंपनी है जिसकी शुरुवात Gracias Saldanha ने अपने दोनों बेटो के नाम पर रखा था. ये इंडिया की सबसे बड़ी generic और API बनाने वाली कंपनियों में से एक है.

शुरुवात में ये कंपनी केवल इंडिया, रूस और अफ्रीका में अपने दवाई बेचती थी लेकिन फिर इस कंपनी ने USA और यूरोपियन देशों में भी दवाई बेचने लगे जिस वजेसे एक बार 2011 में Glenn भारत के आमिर व्यक्तिओ के सूची में शुमार हो गए थे.

इस कंपनी का सबसे प्रसिद्ध प्रोडक्ट है candid पाउडर और दवाई में कार्डियोलॉजी, डायबिटीज और रेस्पिरेटरी दवाई भी बनाती है.

रेड चीफ शूज कंपनी


7. Dr. Reddy’s Laboratories

  • स्थापित: 1984
  • मालिक: Kallam Anji Reddy
  • अध्यक्ष: G. V. Prasad, Kallam Satish Reddy
  • मुख्यालय: Hyderabad; Telangana
  • शुद्ध लाभ: 1,623.20 करोड़
  • कुल बिक्री: 14,405.20 करोड़ 

Dr. Reddy’s Laboratories की शुरुवात Kallam Anji Reddy ने १९८४ में किया था जिन्होंने पहले Indian Drugs and Pharmaceuticals Limited में मेंटर का का किया था. पहले ये केवल दवाई बनाके दूसरे फार्मा कंपनी को देती थी फिर इन्होने इंडिया के बहार भी एक्सपोर्ट करना शुरू किया और ऐसे देशों में एक्सपोर्ट करने लेकिन फिर ये USA जैसे कंपनी को भी एक्सपोर्ट करने लगे और आज ये इंडिया की सबसे बड़ी दवाई कंपनी में से एक है.

आज Dr. Reddy’s Laboratories के पास 190 तरीके के दवाई, 60 APIs diagnostic kits, critical care, and biotechnology प्रोडक्ट्स भी बनाते है.

मदरसन सुमि कंपनी


8. Alkem Laboratories

  • स्थापित: 1973
  • मालिक: Samprada Singh
  • मुख्यालय: Mumbai, Maharashtra
  • शुद्ध लाभ: 1,541.25 करोड़
  • कुल बिक्री: 8,829.81 करोड़ 

बाकी सारे फार्मा कंपनी जैसे ही Alkem Laboratories भी pharmaceutical generics, formulations और nutraceuticals बनाने और बेचने का काम करती है. ये केवल इंडिया में नहीं बल्कि USA, Germany, Australia, Chile, Colombia, UK, South Africa, East Africa जैसे देशों में भी अपना दवाई को एक्सपोर्ट करते है.

अल्केम के पास 21 उत्पाद फैक्ट्री है और उसमे से 19 इंडिया में और 2 USA में है. इस कंपनी के दवाई थो दुनिया भर में प्रसिद्ध है लेकिन इसके आलावा इस कंपनी के और भी ब्रांड्स है जो काफी फेमस है जैसे की: OMEE-G, ORS, Alkof, Pregakem प्रेगनेंसी किट, Liverb सिरप, और Playgard जैसे कंडोम ब्रांड्स के प्रोडक्ट भी बनाते है.


9. Gland Pharma

  • स्थापित: 1978
  • मालिक: PVN Raju
  • मुख्यालय: Hyderabad, Telangana
  • शुद्ध लाभ: 1,212.16 करोड़
  • कुल बिक्री: 4,400.71 करोड़ 

Gland Pharma Limited की शुरुवात PVN Raju ने किया, इन्होने Gland Pharma शुरू करने से पहले Gland Chemicals की शुरुवात की 1974 में. ये कंपनी दवाई गोलियों के रूप से ज्यादा इंजेक्शन के रूप में बनाती है.

इंडिया में ये डायरेक्ट मार्केटिंग करते है मतलब इनका बिज़नेस मॉडल B2C का है जिसमे 200 से भी ज्यादा field officer है और 2000 से भी ज्यादा corporate हॉस्पिटल्स, गवर्नमेंट हॉस्पिटल और नर्सिंग होम के साथ गठजोड़ किया गया है. और तो इनके पहुंच 25000 से भी ज्यादा डॉक्टर के साथ है.

भारत की गुटखा कंपनी


10. Wockhardt Limited

  • स्थापित: 1960
  • मालिक: Habil Khorakiwala
  • मुख्यालय: Mumbai, Maharashtra
  • शुद्ध लाभ: 1,078.28 करोड़
  • कुल बिक्री: 987.26 करोड़ 

Wockhardt Ltd. इंडिया की 10वी सबसे बड़ी दवाई कंपनी है जो दवाई के साथ एक  biotechnology कंपनी भी है. ये ज्यादातर  बिओफॉर्मासुटिकल्स, वैक्सीन्स, APIs और nutrition प्रोडक्ट्स बनाती है.

इस कंपनी के बहुत सारे देशों में उत्पादन फैक्ट्री जैसे की India UK Ireland France और US. और सबसे अलग बात ये है की इंडिया की लगभग साड़ी कंपनियों का ज्यादातर रेवेनुए USA से आता है लेकिन इस कंपनी का ज्यादा रेवेनुए Europe से आता है. 

इनके अचे खासे मार्किट है Russia, Brazil, Mexico, Vietnam, Philippines, Nigeria, Kenya, Ghana, Tanzania, Uganda, Nepal, Myanmar, Sri Lanka, Mauritius, Lebanon and Kuwait में और इनके पास 8000 से भी ज्यादा कर्मचारी है.

फीमेल कंडोम की सूची


11. Torrent Pharma

  • स्थापित: 1959
  • मालिक: U. N. Mehta
  • मुख्यालय: Ahmedabad, Gujarat
  • शुद्ध लाभ: 991.00 करोड़
  • कुल बिक्री: 6,742.00 करोड़ 

12. Zydus Life

  • स्थापित: 1952
  • मालिक: Ramanbhai Patel
  • मुख्यालय: Ahmedabad, Gujarat
  • शुद्ध लाभ: 857.90 करोड़
  • कुल बिक्री: 7,981.90 करोड़ 

13. Laurus Labs

  • स्थापित: 2005
  • मालिक: Dr.Satyanarayana Chava
  • मुख्यालय: Visakhapatnam, India
  • शुद्ध लाभ: 750.09 करोड़
  •  कुल बिक्री: 4,707.04 करोड़ 

14. Ajanta Pharma

  • स्थापित: 1973
  • मालिक: Mannalal Agrawal
  • मुख्यालय: Mumbai, Maharashtra
  • शुद्ध लाभ: 719.86 करोड़
  • कुल बिक्री: 3,140.64 करोड़ 

15. Amrutanjan Health Care

  • स्थापित: 1893
  • मालिक: K. Nageswara Rao Pantulu
  • अध्यक्ष: Sambhu Prasad
  • मुख्यालय: Mylapore, Chennai
  • शुद्ध लाभ: 67.19 करोड़
  • कुल बिक्री: 405.84 करोड़ 

16. Auro Labs

  • स्थापित: 1989
  • अध्यक्ष: Sharat Deorah
  • मुख्यालय: Mumbai, Maharashtra
  • शुद्ध लाभ: 7.18 करोड़
  • कुल बिक्री: 54.25 करोड़ 

17. Lupin

  • स्थापित: 1968
  • मालिक: Desh Bandhu Gupta
  • मुख्यालय: Mumbai, Maharashtra
  • अध्यक्ष: Ms Vinita Gupta
  • शुद्ध लाभ: -188.70 करोड़ नुक्सान
  • कुल बिक्री: 11,771.67 करोड़ 

18. Mankind Pharma

  • स्थापित: 1995
  • मालिक: Ramesh C. Juneja, Rajeev Juneja
  • मुख्यालय: Delhi, India

मैनकाइंड फार्मा इंडिया का नो.1 कंडोम ब्रांड बनाती है.

भारत की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी कौन सी है?

अगर बाजार पूंजीकरण से तुलना किया जाए तो ये है भारत की टॉप १० दवाई कंपनी:

  1. Sun Pharmaceuticals
  2. Divi’s Laboratories
  3. Cipla
  4. Dr. Reddy Laboratories
  5. Torrent Pharmaceuticals
  6. Gland Pharmaceuticals
  7. Zydus Life
  8. Alkem Laboratories
  9. Aurobindo Pharmaceuticals
  10. Laurus Laboratories

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शुद्ध लाभ (Net Profit) के मामले में सबसे बड़ी दवाई कंपनी कौन सी है?

अगर नेट प्रॉफिट से तुलना किया जाए तो ये है भारत की टॉप १० दवाई कंपनी:

  1. Aurobindo Pharmaceuticals
  2. Dr. Reddy Laboratories
  3. Cipla
  4. Sun Pharmaceuticals
  5. Lupin
  6. Divi’s Laboratories
  7. Alkem Laboratories
  8. Zydus Life
  9. Glenmark Pharmaceuticals Limited
  10. Torrent Pharmaceuticals

सन फार्मा कंपनी का मालिक कौन है?

सन फार्मा कंपनी की शुरुवात 1983 में Dilip Shanghvi ने वापी, गुजरात में शुरू किया था तब इस कंपनी के पास 5 products थे. 1987 में cardiology प्रोडक्ट्स और 1989 में  gastroenterology प्रोडक्ट्स भी बनाने शुरू किये और आज ये इंडिया की सबसे बड़ी  cardiology, gastroenterology बनाने वाली कंपनी है. 

रैनबैक्सी कंपनी क्या उत्पादन करती है?

रैनबैक्सी कंपनी भारत की सबसे प्रसिद्ध दर्द से राहत देने वाली क्रीम VOLINI और मल्टी-विटामिन की गोली Revital H का उत्पादन करती है. इस कंपनी की शुरुवात Ranbir Singh और Gurbax Singh ने 1983 में किया था फिर इस कंपनी को 2014 में सन फार्मा ने खरीद लिया, जिस वजेसे सन फार्मा इंडिया की सबसे बड़ी दवाई कंपनी और दुनिया की ५वी सबसे बड़ी जेनेरिक दवाई बनाने वाली कंपनी बन गयी.

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